बलौदाबाजार टाईम्स न्यूज़। बिलाईगढ़, :- सुशासन तिहार के तहत शुक्रवार को ग्राम पंचायत झुमका में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर जनसेवा और समाधान का बड़ा केंद्र बन गया। शिविर में प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण कर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और प्राप्त आवेदनों के निराकरण की जानकारी ली। शिविर में कुल 2310 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 272 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर लोगों को तत्काल राहत प्रदान की गई। ग्रामीणों की भारी भीड़ और उत्साह ने कार्यक्रम को जनविश्वास का बड़ा मंच बना दिया। कार्यक्रम में कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पांडेय, सदस्य शिवकुमारी साहू, दिनेश जांगड़े, भगवंती पटेल, बिलाईगढ़ विधायक कविता लहरे, जिला अध्यक्ष ज्योतिलाल पटेल, सुभाष जालान तथा ग्राम पंचायत झुमका के सरपंच धनंजय साहू सहित जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
“पात्र हितग्राही का नाम नहीं छूटेगा” – मंत्री टंकराम वर्मा ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार जनता के हित में संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों का नाम किसी भी स्थिति में नहीं छूटेगा, यह सरकार की प्राथमिकता और वादा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का तय समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। हितग्राहियों को मिली कई योजनाओं की सौगात शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।
अतिथियों ने नन्हें बच्चों को अन्नप्राशन कराया तथा गर्भवती महिलाओं को उपहार भेंट किए। स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, निक्षय मित्र फूड बॉक्स, मत्स्य विभाग की ओर से मछली जाल, दिव्यांग प्रमाण पत्र, पेंशन स्वीकृति, प्रधानमंत्री आवास योजना के पूर्णता एवं स्वीकृति प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, किसान पुस्तिका और बी-1 दस्तावेज वितरित किए गए। कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण तब रहा जब कृषि विभाग की ओर से एक किसान को ट्रैक्टर खरीदी हेतु 2.50 लाख रुपये के अनुदान की स्वीकृति के साथ ट्रैक्टर की चाबी सौंपी गई। वहीं कई किसानों को बोर खनन के लिए 43-43 हजार रुपये के अनुदान चेक भी प्रदान किए गए।
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