रायपुर में सतनामी समाज का ऐतिहासिक सम्मेलन, कफन व मृत्यु भोज पर प्रतिबंध सहित 15 प्रस्ताव पारित





बलौदाबाजार टाईम्स न्यूज़-  बिलाईगढ़ — प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के तत्वावधान में राजधानी रायपुर के विमतरा सभा हाल में एक दिवसीय विशाल सतनामी सामाजिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा गुरु घासीदास जी के छायाचित्र पर पूजा-अर्चना कर किया गया। इस अवसर पर समाज के प्रमुखों एवं अतिथियों का तिलक-चंदन लगाकर भव्य स्वागत किया गया। सम्मेलन में समाज सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कफन प्रथा एवं मृत्यु भोज पर प्रतिबंध लगाने सहित कुल 15 बिंदुओं पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किए गए। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि गुरु घासीदास जयंती 18 दिसंबर को ही मनाई जाएगी तथा समाज में शिक्षा, स्वरोजगार और सामाजिक एकीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष एल.एल. कोसले ने समाज में एकता और समन्वय को मजबूत करने के लिए जन्म, विवाह और मृत्यु संस्कारों में समयानुकूल संशोधन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों को समाप्त करने और आधुनिक सोच अपनाने का आह्वान किया। 

सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कैबिनेट मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि “समाज सर्वोपरि है। जब समाज सशक्त होगा, तभी हम सब सशक्त होंगे।” उन्होंने शिक्षा और आत्मनिर्भरता को समाज की प्रगति का आधार बताते हुए युवाओं को नशे से दूर रहने और संस्कारवान बनने की प्रेरणा दी। पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने समाजहित में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनना होगा। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए सहयोग देने पर बल दिया। सम्मेलन में विभिन्न वक्ताओं ने सामाजिक एकता, कुरीतियों के उन्मूलन और संगठनात्मक समन्वय पर अपने विचार रखे। धर्म परिवर्तन, नशाखोरी और सामाजिक विघटन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता जताई गई। पारित प्रमुख प्रस्तावों में सामाजिक कार्यक्रमों में सादगी, नशामुक्ति, सफेद वस्त्र अनिवार्यता, विवाह में सीमित संख्या, आदर्श विवाह को बढ़ावा, सामाजिक विवादों का समाज स्तर पर समाधान तथा प्रतिवर्ष सम्मेलन आयोजित करने जैसे निर्णय शामिल हैं। विशेष रूप से मृत्यु भोज पर पूर्ण प्रतिबंध और कफन व्यवस्था को सीमित करने का निर्णय समाज सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस सम्मेलन में मंत्री, पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक, समाज प्रमुख, धर्मगुरु, साहित्यकार, पत्रकार एवं प्रदेश के लगभग 28 जिलों से हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर समाज के विकास और सशक्तिकरण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन महासचिव मोहन बंजारे एवं सह सचिव दिनेश बंजारे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन प्रदेश प्रवक्ता राजमहंत प्यारेलाल कोसरिया द्वारा किया गया। यह सम्मेलन सतनामी समाज में सामाजिक सुधार और एकजुटता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। जय सतनाम।

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