नाम और जाति पूछकर आतंकियों ने मारी गोली, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
राजकुमार जांगड़े
बलौदाबाजार टाईम्स न्यूज़।।
सारंगढ़ बिलाईगढ़। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए एक दिल दहला देने वाले आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। आतंकियों ने कथित तौर पर मजदूरों से उनका नाम और पहचान पूछने के बाद उन पर गोलियां बरसा दीं, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतकों में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बिलाईगढ़ तहसील अंतर्गत ग्राम छुईहा निवासी 24 वर्षीय भूपेंद्र भैना (पिता– दशरथ भैना, माता– कचरा बाई भैना) शामिल हैं। भूपेंद्र करीब तीन-चार महीने पहले पहली बार रोज़गार की तलाश में जम्मू-कश्मीर के एक ईंट-भट्ठे में काम करने गया था।
परिवार को क्या पता था कि यह उसकी पहली ही नहीं, आख़िरी यात्रा भी साबित होगी। भूपेंद्र के पिता दशरथ भैना पिछले लगभग नौ महीने से हिमाचल प्रदेश में मजदूरी कर रहे हैं। घर में उनकी छोटी बहन, दादी और तीन वर्षीय मासूम बच्चा है। बेटे की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही सारंगढ़-बिलाईगढ़ कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू, पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ,एस डी एम प्रफुल्ल रजक सहित प्रशासनिक अधिकारी भूपेंद्र के घर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया तथा शासन की ओर से हर संभव सहायता और मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इस दौरान भूपेंद्र की बहन ने भावुक अपील करते हुए शासन से अपने भाई के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द गांव लाने की मांग की।
उसने कहा कि परिवार अंतिम दर्शन कर अपने बेटे को सम्मानपूर्वक विदाई देना चाहता है। कुलगाम की इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और लोग मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
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