सुरेन्द्र कुमार बघेल
बलौदाबाजार टाईम्स न्यूज़।। : --- लवन में आज गुड फ्राइडे पर चर्च में विशेष प्रार्थना किया गया। ईसाई धर्म के अनुयायियों के लिए यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन माना जाता है,जिसे पूरी दुनिया में श्रद्धा और शांति के साथ मनाया जाता है। इस दिन प्रभु यीशु मसीह के बलिदान, कष्टों और उनके सूली पर चढ़ाए जाने की याद में मनाया जाता है। यह दिन प्रति वर्ष ईस्टर के पहले शुक्रवार को आता है, जिसे शोक दिवस के रुप में मनाया जाता है। गुड फ्राइडे पर चर्चों में घंटियां नहीं बजायी जाती है, मोमबत्तियां नहीं जलाई जाती है और न ही वेदी सजाई जाती है। ईसाई धर्म के अनुयायि चालीसा काल में उपवास और प्रार्थना में समय व्यतीत करते हैं।
ईसाई मान्यता के अनुसार यीशु मसीह का बलिदान मानव जाति को पापों से मुक्ति दिलाने के लिए हुआ था। गुड फ्राइडे पर चर्च में विशेष प्रार्थना सभा आयोजन किया जाता है । जिसमें 1 से 14 स्थान के माध्यम से यीशु मसीह को चालीसा काल में मिले कष्ट, यातनाएं और अंतिम सफर को याद किया जाता है।
प्रभु यीशु मसीह को यहूदी शासकों ने शारीरिक व मानसिक कष्ट देने के बाद शुक्रवार के ही दिन सूली पर चढ़ा दिया था। प्रभु यीशु मसीह ने अपने मृत्यु से पहले अपने विरोधियों को माफ करते हुए कहा था कि " हे पिता इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये जानते नहीं कि क्या कर रहें हैं " यह दिन गंभीरता, प्रार्थना और आत्म चिंतन का होता है,लोग अपने पापों के लिए क्षमा मांगते है। इस गुड फ्राइडे दुःख भोग के दिन 01 से 14 स्थान शांति मय यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, दुःख भोग यात्रा कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन का भी सहयोग प्राप्त हुआ ।

